सुंदरकाण्ड पाठ की मर्यादा : सही तरीक़ा क्या है ? मनोरंजन या भक्ति ? कैसे करें ?

  सुन्दरकाण्ड पाठ का बिगड़ता स्वरूप — मनोरंजन या भक्ति ?   आज के समय में सुन्दरकाण्ड की बुकिंग के बाद अक्सर एक ही बात सुनने को मिलती है — “पंडित जी, अच्छे से करना, माहौल बन जाना चाहिए, मज़ा आ जाए एकदम ।” लोग बताते हैं कि वे पहले किसी और मंडली को...